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मिनी कुम्भ के नाम से मशहूर ककोड़ा मेले में खोए बच्चों की तुरंत होगी पहचान,लाखों की भीड़ में ऐसे मिलेंगे बच्चे,जानिये मेला प्रशासन की प्लानिंग,खोया पाया कार्यालय से जुड़ेंगे मेले के सभी क्षेत्र

बदायूँ :ककोड़ा मेले को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा के हर पहलू पर कड़े बंदोबस्त और इंतजाम करवाने में जुटी है। इसी कड़ी में मेला क्षेत्र में बने खोया पाया कार्यालय में बच्चों की सुरक्षा को प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।इस बार मेला ककोड़ा में आने वाले श्रद्धालुओं के छोटे बच्चों के हाथ की कलाई पर एक बैंड बांदा जाएगा जिस पर बच्चे का नाम उसके पिता का नाम गांव मोहल्ला व थाने का नाम के साथ परिजनों का मोबाइल नंबर भी अंकित किया जाएगा।इसके लिये जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि मेले में प्रवेश करते ही खोया पाया हेल्पडेस्क पर जाकर अपने बच्चों के हाथ पर उक्त टैग अवश्य बंधबा लें जिससे बच्चों के गुम हो जाने की स्थिति में बच्चे को उसके माता पिता के पास जल्द से जल्द पहुंचाया जा सके।

जिला प्रशासन का कहना है कि हमारी जिम्मेदारी यही होनी चाहिए कि कोई भी बच्चा अगर मेले क्षेत्र में खोता है तो उसे उसके परिवार के पास तुरंत पहुंचाने और परिजनों को बच्चे से मिलाने की जिम्मेदारी हम सब की होनी चाहिए।जिसके लिए प्रशासन को अपनी तैयारी पूरी कर ली है ।मेले में किसी भी बच्चे या किसी भी परिजन को अपनों से अलग ना होने दिया जाए। इसके लिए हमें मुस्तैद रहना होगा,पर इसमें श्रद्धालुओं का सहयोग की भी अपेक्षा है।

मेला होगा चाइल्ड फ्रेंडली
मीडिया से बातचीत में बताया गया है कि जिला प्रशासन की तरफ से कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश ककोड़ा मेले को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए दिए गए है। लेकिन चाइल्ड फ्रेंडली तब बना सकते हैं जब मेला क्षेत्र में खोने वाले बच्चो को कम समय में खोया पाया केंद्र के माध्यम से अपने परिजनों के पास पहुंचाया जाएगा।इसी को लेकर नेहरू युवा केन्द्र के बालंटियर व स्काउट गाइड जैसी संस्थाओं के साथ बैठक की और काम को बेहतर तरीके से करने का निर्देश दिया।
मेला के दौरान जितने भी बच्चे खोय पाए जायेंगे।उनके लिए खोया पाया कार्यालय बनाया गया है। जिनका सीधा जुड़ाव मेला क्षेत्र के हर क्षेत्रों से होगा जिससे भूले भटके बच्चे को उनके टैग पर अंकित जानकारी व मोबाइल के माध्यम से उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।जिससे होगा कि बिना देर किए माता.पिता अपने बच्चों से मिल सकेंगे।

अधिकारियों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत
प्रशासन का कहना है कि मेले में बच्चों की सेफ्टी के लिए अधिकारियों को बेहद सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है। इसलिए खोए हुए बच्चे की सुरक्षा के साथ उनके खाने.-पीने और उनके रहने की पूरी व्यवस्था के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। मेला ककोड़ा (मिनी कुंभ) को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए हम सभी खासतौर से सरकार की मदद से बदायूँ प्रशासन और नेहरू युवा केन्द्र के बालंटियर व स्काउट गाइड की ओर से खोया पाया केंद्र में सभी बच्चों को परिजनों से मिलाने में मुख्य भूमिका अदा करेगा।

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