होम राज्य उत्तर प्रदेश सर्वोत्तम स्मार्ट मैटीरियल स्वयं मानव शरीरः प्रो. भार्गव

सर्वोत्तम स्मार्ट मैटीरियल स्वयं मानव शरीरः प्रो. भार्गव

एफओईसीएस के गणित विभाग की ओर से दो दिवसीय एआईएमईए-2021 का आगाज

  • डॉ. देवेन्द्र रेग्यूलर और सिंगुलेटर पेट्रीव्यूशन पर बोले
  • मैथमेटिक्स की उपयोगिता वक्त की जरूरत: रजिस्ट्रार
  • मॉडर्न मैथ्स मानव कल्याण के लिए वरदान: प्रो. द्विवेदी
  • कांफ्रेन्स में फर्स्ट डे प्रस्तुत किए गए डेढ़ दर्जन शोधपत्र
  • एआईएमईए कांफ्रेन्स सोविनियर का भी हुआ विमोचन

दुनिया की जानी-मानी गणितज्ञ और आईआईटी रूड़की की प्रोफेसर राज रानी भार्गव ने बतौर मुख्य अतिथि गणित के बड़े रोचक तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, स्मार्ट मैटीरियल प्राकृतिक एवं मानव निर्मित होते हैं।

उन्होंने मानव निर्मित वियरेबल गैजेट्स जैसे स्मार्ट वॉच, लैप्रोस्कोपिक टूल्स, स्मार्ट और सेल्फ हीलींग मैटीरियल को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रो. भार्गव ने बताया कि प्राकृतिक स्मार्ट मैटीरियल्स में सर्वोत्तम स्मार्ट मैटीरियल स्वयं मानव शरीर ही है। उन्होंने मानव, उसके मूल्यों एवं विज्ञान के विभिन्न आयामों में अपने विचारों को साझा किया। वह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग साइंसेस-एफओईसीएस की ओर से एडवांसमेंट इन मैथमैटिक्स एंड इट्स इमर्जिंग एरियाज-एआईएमईए-2021 पर आयोजित दो दिनी नेशनल ई-कांफ्रेंस में बोल रही थीं। इससे पूर्व एफओईसीएस के सभागार में टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा और कांफ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर कांफ्रेंस का शंखनाद किया। इस मौके पर बिट्स पिलानी के डॉ. देवेन्द्र कुमार वर्चुअली तो एफओईसीएस के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार, कांफ्रेन्स कन्वीनर डॉ. आलोक कुमार गहलोत, प्रो. अशेंद्र कुमार सक्सेना आदि की फिजिकल मौजूदगी रही। इस अवसर पर सोविनियर का विमोचन भी किया गया। कांफ्रेन्स के पहले दिन दो सत्रों में कुल 18 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। मैथमेटिकल मॉडलिंग, फिवोनॉकी ऐज प्रोडक्ट, वेवलेट आदि विषयों पर शोध रिसर्चर्स ने अपने विचार व्यक्त किए। बिट्स पिलानी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देवेन्द्र कुमार ने रेग्यूलर पेट्रीव्यूशन और सिंगुलेटर पेट्रीव्यूशन के बारे में बड़ी सहजता से बाइनॉमियल ईएक्सपी में प्रयोग भी बताया। बाउंड्री वैल्यू समीकरण पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। संचालन मिस इंदु त्रिपाठी ने किया।

टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा ने कहा, मैथमेटिक्स की उपयोगिता बहुत व्यापक है। शिक्षा के सभी क्षेत्रों में मैथमेटिक्स शामिल है, चाहे वह मेडिकल हो, फार्मेसी हो, इन्जीनियरिंग हो या बिज़नेस मैनेजमेन्ट। आज उभरते हुए सभी विषयों में मैथमेटिक्स का अति महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सभी शोधार्थियों और शिक्षकों से शोध कार्य और पेटेंट को संजीदगी से लेने का आह्वान किया। कांफ्रेंस जनरल चेयर और एफओईसीएस के निदेशक प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने कॉन्फ्रेंस की थीम प्रस्तुत करते हुए कहा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी में मैथ्स मानव कल्याण के लिए अनेक तरीकों से सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा, मैथमेटिक्स को साइंस ऑफ क्वांटिटी कहा जाता है। वह उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में मैथमेटिक्स के योगदान की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए बोले, आज इक्कीसवीं सदी में मैथमेटिक्स का उपयोग इन्जीनियरिंग, मेडिकल, इमेजिंग- 3डी टोमोेग्राफी, ईपीआरआई-इलेक्ट्रॉन पैरामैग्नेटिक रिसोर्स इमेजिंग, टीईएम-ट्रान्समिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी, सर्कुलर स्कैनिंग ज्यॉमेट्री 3डी एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई बायोइंफार्मेटिक्स, डेटा प्रोसेसिंग, मेडिकल सांइस इत्यादि क्षेत्रों में बहुत उल्लेखनीय है।

एआईएमई-2021 में डा. विपिन कुमार, डॉ. लक्ष्मी कान्त तिवारी, डॉ. गोपाल कुमार गुप्ता, श्री विक्रम रैना, प्रो. आरसी त्रिपाठी, प्रो आरके जैन, प्रो. केए गुप्ता, डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. अभिनव सक्सेना, डॉ. कामेश कुमार, डॉ. वरूण सिंह, डॉ. अमित कुमार शर्मा, डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी, डॉ. शंभु भारद्वाज, डॉ. पराग अग्रवाल, श्री अशोक कुमार, श्री नवनीत विश्नोई, श्री मनीष तिवारी आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है, एआईएमईए-2021 के 24 जुलाई को होने वाले समापन में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की प्रो. रश्मि भारद्वाज मुख्य अतिथि होंगी।

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