सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, पीएम मोदी ने इन बातों पर दिया जोर
- कक्षा 12 के परिणाम समयबद्ध तरीके से एक अच्छी तरह से परिभाषित वस्तुनिष्ठ मानदंड के रूप में बनाए जाएंगे
- सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा पर फैसला छात्रों के हित में लिया गया है
- हमारे छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पहलू पर कोई समझौता नहीं होगा
- छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता जिसे दूर किया जाना चाहिए
- ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए
- सभी हितधारकों को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए इंतजार कर रहे छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है. दसवीं की तरह 12वीं की परीक्षा भी कैंसिल कर दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया गया है. पीएम मोदी ने आज राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया. इस बैठक में पीएम मोदी के साथ इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पूर्व एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी के अलावा पीएमओ और शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.इस फैसले से करीब 14 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिली है. वहीं, बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. कोरोना के बीच बच्चों पर तनाव डालना ठीक नहीं है. पीएम ने कहा कि कोरोना काल के माहौल में बच्चों को तनाव देना उचित नहीं है. बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकते हैं. 12वीं कक्षा के नतीजे समयबद्ध तरीके से एक अच्छी तरह से परिभाषित उद्देश्य मानदंड के तहत बनाए जाएंगे.

पिछले साल भी रद्द हुई थीं परीक्षाएं
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान वेणुगोपाल से कहा था कि सरकार को परीक्षा के बारे में फैसला करने का अधिकार है. लेकिन अगर आप पिछले साल की पॉलिसी से पीछे हट रहे हैं, तो आप उसके लिए ठोस कारण देने होंगे. सर्वोच्च अदालत ने CBSE और CISCE की पिछले साल 1 जुलाई से 15 जुलाई तक होने वाली बोर्ड की बची परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को पहले ही मंजूरी दे दी थी.
केजरीवाल ने जताई खुशी
केंद्र सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, मुझे 12वीं की परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले से खुशी हुई है. हम सभी अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे. ये एक बड़े राहत की खबर है. वहीं दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार का ये फैसला डेढ़ करोड़ छात्रों के हित में है.
ऐसे बनेगा रिजल्ट
सीबीएसई क्लास 12 एग्जाम कैंसिल होने के बाद अब अहम सवाल यह है कि स्टूडेंट्स को मार्क्स किस आधार पर मिलेंगे और रिजल्ट कैसे बनेगा? केंद्र व सीबीएसई ने कहा है कि समय के अनुसार उचित क्राइटीरिया के तहत मार्किंग की जाएगी और रिजल्ट तैयार होगा. वहीं स्टूडेंट्स को पिछली बार की तरह परीक्षा देने का विकल्प भी दिया जाएगा. जो स्टूडेंट्स अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होंगे वे बाद में एग्जाम देने का विकल्प चुन सकेंगे.
सीबीएसई द्वारा छात्रों को विकल्प प्रदान किया जाएगा
पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा.


























