बदायूँ कोविड-19 मरीजों की सहायता के लिये बनाया गये कंट्रोल रूम पर बैठे व्यक्ति ने दी रिपोर्ट न आने तक कोरोना फैलाने की सलाह,
यह वाक्या जब सामने आया जब शहर के सभ्रांत नागरिक ने कंट्रोल रूम के नम्बर 05832-266114 पर कॉल करके, रोड़वेज बस स्टैण्ड पर कराई गई अपनी 23 तारीख को आरटी- पीसीआर (कोरोना जांच) की रिपोर्ट अभी तक न मिलने के बारे में शिकायत करते हुए जानकारी मांगी,कोविड19 के कंट्रोल रूम का ऑपरेटर कॉलर से कुछ जानकारी लेते हुए एक दो दिन और इंतजार की सलाह देता है,ऑपरेटर से जबाब से असंतुष्ट व्यक्ति ने सवाल करते हुए कहा कि कोरोना की रिपोर्ट आने में इतना अधिक समय लगता है,इस तरह तो वो व्यक्ति पॉजिटिव निकला तो ?………..
इस पर ऑपरेटर ने जो जबाब दिया उसे सुनकर कॉल करने वाला व्यक्ति सन्न रह गया।ऑपरेटर ने जबाब देते हुए कहा कि जब तक आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट नहीं आती और आपको अगर कोरोना है तो रिपोर्ट आने तक उसको फैलाओ, इस सलाह के साथ ही ऑपरेटर जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कॉलर को अपनी व्यथा सुनाने लगता है,ऑपरेटर अपने आपको टीचर बताते हुए कहता है कि कंट्रोल रूम में हमारी ड्यूटी है इस कंट्रोल रूम में कल हमारा एक साथी कोरोना पॉजिटिव निकला है नियम के अनुसार तो हमे भी आइसोलेट कर देना चाहिये,लेकिन प्रशाशन ने केवल कोरोना पॉजिटिव को छोड़कर ,हम सब को आइसोलेट करने की बजाय हमसे ड्यूटी करायी जा रही है,अब कोरोना फैलाने में तो प्रशासन ही जिम्मेदार है।
जानकारी से असंतुष्ट नागरिक ने स्वदेश केसरी न्यूज में कॉल करके मदद मांगते हुए कंट्रोल रूम में हुई बातचीत का ऑडियो भी शेयर किया, जिसको स्वदेश केसरी अपने सभी पाठकों से इस उम्मीद के साथ शेयर कर रहा है जिससे बदायूँ का जिला प्रशासन,आईटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट में तेजी लाने का प्रयास करते हुए कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों को भी सही जानकारी उपलब्ध कराए जिससे लोगों द्वारा मांगी जा रही जानकारी का सही व सन्तुष्टि पूर्ण जबाब मिल सके जिससे जनता सन्तुष्ट हो सकें,वरना इस कंट्रोल रूम का बनाया जाना व्यर्थ ही साबित होगा।साथ कर्मचारी की उस बात को प्रशासन गम्भीरता से ले जिसमें कर्मचारी कोविड 19 के नियम के बारे में अवगत करा रहा है।


























