बदायूँ:शकील बदायूँनी की पुण्यतिथि पर,शकील बदायूँनी स्मृति क्लब के सदस्यों ने शकील बदायूँ की प्रतिमा पर मालार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
शकील बदायूँनी स्मृति क्लब के सदस्य जब घण्टाघर स्थित शकील पार्क पहुँचे तो शकील बदायूँनी की प्रतिमा को बदायूँ के पूर्व विधायक की फ्लेक्स से ढका हुआ पाया।जिसको देखकर सभी सदस्यों में रोश फैल गया,शकील बदायूँनी स्मृति क्लब के सचिव ने तत्काल इसकी सूचना जिलाधिकारी बदायूँ व नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को दी,सूचना मिलते ही पहुंची टीम ने शकील साहब के आगे लगे बैनर को हटाया,उसके बाद क्लब के सदस्यों ने मिलकर पार्क व मूर्ति की सफाई की,जिसके उपरांत क्लब के सभी सदस्यों ने शकील बदायूँ की प्रतिमा पर मालार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर बोलते हुए क्लब के सचिव अमन मयंक शर्मा ने शकील बदायूँनी के गीतों को गुनगुनाया,अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं, सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं…। शकील बदायूंनी का लिखा यह गीत देशभर में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर जब गूंजता है तो बरबस ही उनकी याद जीवंत उठती हो उठती हैं।उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि बहुत ही छोटे और पिछड़े हुए बदायूँ की एक अलग पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाने में शकील बदायूँनी का बहुत बड़ा योगदान है जिसको हम सबको नहीं भूलना चाहिए,
बदायूँ गौरव क्लब के सहसचिव रितेश उपाध्याय ने कहा कि शकील बदायूँनी अपने गीतों से हमेशा अमर रहेंगे।जब तक दुनिया है तक तब शकील बदायूँनी के लिखे हुए गीत गाये जाएंगे।बदायूँ गौरव क्लब के संरक्षक दिनेश शर्मा ने कहा कि शकील बदायूँनी जैसी शख्सियत सदियों में एक बार ही जन्म लेती हैं।शकील बदायूँनी ने लगातार 8 वर्ष बॉलीवुड का सबसे बड़ा अवार्ड फ़िल्मफ़ेअर अवार्ड जीता था।
बदायूँ गौरव क्लब के संरक्षक अशोक सक्सेना ने कहा कि शकील बदायूँनी ने पूरी दुनिया मे बदायूँ जनपद का नाम रोशन किया है।शकील बदायूँनी ने अपने गीतों से फिल्मी दुनिया में एक विशेष पहचान बनाई एवं पूरे विश्व में अपने गीतों से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है।कहा कि बदायूँ गौरव क्लब एवं शकील बदायूँनी स्मृति क्लब के द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार शकील बदायूँनी की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर उनको श्रदांजलि दी जा रही है।इस वर्ष भी कोरोना महामारी से निजात पाने पर शकील बदायूँनी की याद में शकील बदायूँनी स्मृति महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है।इस अवसर पर अच्छन खां,गौरव पाठक, रितेश उपाध्याय,नवीन सक्सेना,विभांशु दत्त,ऋतुराज ख़ुसरिया, असरार अहमद ,रमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
उन्होंने इशारों इशारों में बदायूँ के नेताओं को सलाह दी शकील बदायूँनी की प्रतिमा के आगे अपनी फोटो लगाने से पहले लोगों को उनसे बड़ा बनना पड़ेगा।उन्होंने बदायूँ के सभी नेताओं से हाथ जोड़कर अपील की आगे से कोई भी नेता शकील बदायूँनी की प्रतिमा के आगे कोई फ्लेक्स न लगाए, सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक पार्क को ऐसी पार्क बनाने में सहयोग करना चाहिये जिससे शकील साहब का सम्मान बढ़ता हो।उन्होंने जिलाधिकारी को ईमेल भेजकर इस पार्क के रख रखाब की जिम्मेदारी शकील बदायूँनी स्मृति क्लब को देने की मांग की है।























