डॉक्टरों को कोरोना वायरस से बचाब के लिये जिलाधिकारी को सौंपी पंद्रह सौ पीपीई किट
कड़ी मेहनत व मधुर व्यवहार के बल पर राजनीति व व्यवसायिक क्षेत्र में है बड़ा मुकाम
राजनीति के क्षेत्र में देश की बडी हस्तियां से है सीधे सम्बंध
जन्मभूमि से प्यार के चलते बदायूँ की सेवा का कोई भी मौका नहीं चूकते
जनपद के युवाओं को प्राथमिकता के साथ अपने उद्योगों के माध्यम से दिया है रोजगार
पिछले कई महीनों से जिसने समाज व शासन प्रशासन की मदद के लिये अपनी तिजोरी के द्वार खोल रखें हैं,चाहें सरकार के आवाह्न पर पीएम केयर फंड में सहयोग हो या समाज में खाद्यान्न किटों का वितरण हो,चाहें क्षेत्र की जनता हो या कोरोना वायरस से समाज को बचाने के लिये फ्रन्ट लाइन की प्रशासनिक टीम, सभी को मास्क उपलब्ध कराना हो या खाने के पैकेट बनवाकर प्रशासन से लेकर गांव-गांव व शहर की गली-गली में समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने में दिनरात एक करने वाले इस योद्धा ने भारत में कोरोना वायरस के नए रूप में सक्रिय होते ही अपने पिताश्री प्रेम स्वरूप पाठक अपने अनुज शारदेन्दू पाठक व बदायूँ बीजेपी के जिलाध्यक्ष अशोक भारती,नगर विकास मंत्री के पुत्र विश्वजीत गुप्ता के माध्यम से 1500 पीपी किटों को बदायूँ के डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी को सोंपा,सहयोग के लिये बदायूँ प्रशासन ने धन्यवाद दिया है।














कोरोना से लड़ाई में भारत के डॉक्टर्स दिनरात एक किये हुए हैं वहीं पूरी दुनिया इस वायरस के ख़ौप में है,किसी भी व्यक्ति में वायरस के लक्षण दिखने पर उसके सगे सम्बंधी भी दूरी बना लेते हैं लेकिन,लेकिन दुनिया मे एक ऐसी सेवा है जिसे हम स्वास्थ्य सेवा कहते हैं, पूरी दुनिया आज इस कोरोना जैसे जानलेवा घातक वायरस से अगर किसी के सहारे लड़ने की हिम्मत जुटा पा रही है तो वो है स्वास्थ्य सेवा,भारत मे जहाँ एक ओर सरकारें इन स्वास्थ्य सेवाओं को दिन रात दुरुस्त करने में लगी हैं वहीं दूसरी ओर, भारत में भगवान रूपी डॉक्टरों ने बिना देर किए उपलब्ध संसाधनों के बल पर ही कोरोना से पीड़ितों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किये बिना दिनरात अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं,संसाधनों के अभाव में बहुत से डॉक्टर्स ने देश सेवा व समाज के लिये अपने प्राण न्यौछाबर कर दिए, भारत मे इस वायरस से लड़ने में सरकारी क्षेत्र के अलावा तमाम समाजसेवी व उधोगपति कोरोना योद्धा के रूप में सरकार के साथ खड़े हो गये जिन्होंने समाज के हर जरूरत मन्द को खाने पीने से लेकर हर सम्भव सहयोग करते नजर आए,















बदायूँ लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे वागीश पाठक पिछले कई महीनों से निरन्तर बदायूँ की जनता व प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, ,बैसे तो इनकी पहचान बदायूँ शहर के पूर्व विधायक/पूर्व जिलाध्यक्ष- प्रेमस्वरूप पाठक जी के पुत्र के रूप में सभी जानते हैं।लेकिन वागीश पाठक ने अपनी कड़ी मेहनत व मधुर व्यवहार के बल पर राजनीति व व्यवसायिक क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल किया है,जहाँ राजनीति के क्षेत्र में देश की बडी हस्तियां से उनके सीधे सम्बंध हैं वहीं बड़े-बड़े प्रशानिक अधिकारियों में भी है उनकी मित्रता है, व्यवसायिक क्षेत्र में उन्होंने बड़ा बिजेनस एम्पायर खड़ा किया है आज उनकी गिनती बड़े उधोगपतियों में आती है उनका कारोबारी क्षेत्र भारत के अलावा विदेशों में भी फैला हुआ है।फिल्मी दुनिया हो या खेल जगत सभी क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ दिये हैं,अपने इतने बड़े बिजनेस एम्पायर में व्यस्तता के बाबजूद भी,अपनी जन्मभूमि से प्यार के चलते बदायूँ की सेवा का कोई भी मौका नहीं चूकते,चाहें गरीबों के लिये आंखों का कैम्प लगवाना रहा हो,या विकलांगों के ऑपरेशन में मदद हो,बिभिन्न क्षेत्र के डॉक्टरों की स्पेशलिस्टों की टीम को बदायूँ भेजकर केम्प लगवाकर फ्री इलाज कराना हो,सभी के लिये दिनरात प्रयासरत रहते हैं, वागीश पाठक के नेक कामों में सहयोग के लिये बदायूँ में उनके छोटे भाई शारदेन्दू पाठक लक्ष्मण की भूमिका में तत्पर लगे रहते हैं।वागीश ने जनपद के तमाम युवाओं को प्राथमिकता के साथ अपने उद्योगों के माध्यम रोजगार देकर उनका जीवन सुधारा है।

























