गौरव क्लब के सचिव अमन मयंक शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
बदायूँ-स्वरांजलि कला कुंज संस्था के तत्वाधान में काव्य निशा एवं मुशायरे का आयोजन गणतंत्र दिवस पर बिरुआबाडी मंदिर के गीता भवन में आयोजित हुआ।काव्य निशा एवं मुशायरे का शुभारम्भ वरिष्ठ साहित्यकार महेश मित्र एवं बदायूँ गौरव क्लब के सचिव अमन मयंक शर्मा ने माँ शारदे पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित किया।कार्यक्रम संयोजक कवि संजय सक्सेना ने कवियों को सम्मानित किया ।कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार महेश मित्र,वरिष्ठ साहित्यकार विनोद सक्सेना बिन्नी,शायर अहमद अमजदी एवं कवि प्रदीप विशाल रायजादा ने बदायूँ गौरव महोत्सव के मुख्य संयोजक अमन मयंक शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया।
कवि अभिषेक अनंत ने माँ शारदे की वंदना गान करके कार्यक्रम का आगाज किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार महेश मित्र ने पढा-‘है शहीदों मैं करता हूँ तुमको नमन।
देके अपना लहू तुमने सींचा चमन।।
वरिष्ठ साहित्यकार विनोद सक्सेना बिन्नी ने काव्य पाठ करते हुए कहा-उगाओगे फसलें जो नफरत की लोगों,
तो खुद भी लहू से नहाते रहोगे।
बदायूँ गौरव क्लब के सचिव एवं बदायूँ गौरव महोत्सव के मुख्य संयोजक अमन मयंक शर्मा ने पढा-दुनिया मे सर्वश्रेष्ठ है देश हिंदुस्तान।संविधान है इस देश का सबसे महान।
शायर अहमद अमजदी ने पढा-‘इंसानियत का देता जो पैगाम मिलेगा।उस शख्श में मौजूद तुम्हे राम मिलेगा।
कवि प्रदीप विशाल रायजादा ने पड़ा-‘अलग अलग करने का हमको विफल रहे षडयंत्र।सत्य सनातन देश हमारा अमर रहे गणतंत्र।’
कार्यक्रम संयोजक कवि संजय सक्सेना ने पडा-‘जिसको इस देश से प्यार नही है।
उसे यहां रहने का अधिकार नही है।संचालन अभिषेक अनंत ने किया।
इसके अलावा विष्णु गोपाल अनुरागी,अभिषेक अनंत,विनोद सूर्यवंशी,शराफत समीर,राजवीर सिंह तरंग सहित अन्य कवि एवं शायरों ने काव्य पाठ कर अपनी रचनाओं से देश प्रेम की भावना जागृत की।इस अवसर पर नवल,अंकित सक्सेना,नीरज सक्सेना,गौरव पाठक,रितेश उपाध्याय, विभांशु दत्त,दिनेश शर्मा,नमन मिश्रा,निशांत पाठक,मनीष राठौड़,शिवाकांत शर्मा सहित तमाम श्रोता मौजूद रहे।

























