साभार-डॉ आकांक्षा सिंह (होम्योपैथिक चिकित्सक)
कई बार आपने देखा होगा सोते समय मुंह से लार आने लगती है। मुँह से लार गिरना इन्फेक्शन के कारण होता है जो आपके नाक या गले का इन्फेक्शन हो सकता है जिसके कारण मुँह में बनाने वाली लार सोते समय आपके मुँह से बाहर की ओर आने लगती है। इसे नज़रअंदाज ना करे इसका इलाज करे।
हो सकते है ये कारण:
लार बनाने वाली ग्रंथियों को लार ग्रंथियां कहा जाता है। इनमें से छह ग्रंथियां आपके मुंह के निचले हिस्से, गालों और सामने के दांतों के पास स्थित होती हैं। ये ग्रंथियां आमतौर पर एक दिन में 2-4 पिंट्स लार बनाती हैं। जब ये ग्रंथियां बहुत अधिक लार बनाने लगती हैं, तो आपको ड्रूलिंग यानी सोते वक्त मुंह से लार गिरने का अनुभव हो सकता है।मुंह से लार गिरने की समस्या आम तौर पर जन्म के दो वर्षों में देखने को मिलती हैं। बच्चे जब तक 18 से 24 महीने के नहीं हो जाते हैं, तब तक कुछ भी निगलने या फिर मुंह की मांसपेशियों पर उनका पूर्ण नियंत्रण नहीं होता है। बच्चों में दांत निकलते वक्त भी सोते समय मुंह से लार निकलता देखा जा सकता है।ये तो बात रही बच्चों की। पर अगर ज्यादा उम्र के लोगों को भी यही समस्या हो रही है तो यह ‘सेरिब्रल पाल्सी’ यानी मस्तिष्क पक्षाघात जैसी तंत्रिका संबंधी या फिर अन्य प्रकार की चिकित्सा स्थितियां हो सकती है।
मुंह में बहुत अधिक मात्रा में लार बनने की स्थिति को हाइपरसेलिवेशन कहा जाता है, इस स्थिति को “सिलोरिया” (Sialorrhea) “टिलिज्म” (Ptyalism) के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मुंह के अंदर की लार होठों पर आ जाती है या बाहर निकलने लग जाती है, जिस स्थिति को “लार टपकना” भी कहा जाता है।अधिक लार आने की समस्या स्थायी हो सकती है या फिर ठीक होकर बार-बार होती रहती है, यह पूरी तरह से इसके कारण पर निर्भर करता है। अक्सर इस समस्या से व्यक्ति को बाहर निकलने से संबंधित चिंता होने लग जाती है।अधिक लार आना कोई रोग नहीं है लेकिन आमतौर पर यह किसी अन्य समस्या के लक्षण के रूप में विकसित हो सकता है। ये कारकों में आसानी से ठीक होने वाली समस्याओं से लेकर दुर्लभ बीमारियां शामिल हो सकती हैं।
सबसे पहले आपको बता दें कि जागते समय की तुलना में सोते समय ज्यादा लार का निर्माण होता है। सोते समय मुंह से सांस लेते हैं जिस कारण लार बहने लगती है। लार बनने के कई कारण होते हैं जैसे कि खाने-पीने की चीजों से एलर्जी होना या कुछ दवाओं की वजह से भी अधिक लार का निर्माण होता है।
आपने कई ऐसे लोगों को देखा होगा व कहते सुना होगा कि सोते समय उनके मुंह से लार निकलती है। ये भी हो सकता है कि आपने खुद के साथ भी ऐसा कभी मेहसूस किया हो। वैसे ये परेशानी बच्चों में अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन कई बार वयस्कों में भी ये समस्या हो जाती है। आइए, जानते हैं कि किन कारणों से सोते वक्त मुंह से लार बहने लगती है –
1 वैसे तो लार ग्लैंड्स पूरे दिन लार बनाती हैं लेकिन दिन में हम लार को निगल लेते हैं। सोते समय चेहरे की नसें काफी रिलैक्स होती हैं और लार को नहीं निगलती, ऐसे में जो लोग सोते वक्त मुंह से सांस लेते हैं, उनकी लार मुंह से बाहर निकल सकती है।
2 साइनस इंफेक्शन : अगर सांस की उपरी नली में संक्रमण हुआ हो, तो ये संक्रमण आमतौर पर सांस लेने और निगलने की समस्याओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में लार जमा हो जाने से मुंह से बहने लगती है।
मुँह से लार गिरना के कई अन्य कारण भी होते है जैसे की अगर व्यक्ति को कोल्ड या फ्लू हुआ हो तो भी लार गिरने की समस्या होती है क्योकि ऐसी स्थिति में नाक बंद रहता है और हवा का प्रभाव मुँह से आता जाता है इसलिए ये हो सकता है।
इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति का पेट ख़राब हो या पेट ठीक से साफ़ नहीं हो रहा है तो भी लार बहने की समस्या होती है, ऐसा इसलिए होता है क्योकि हमारा शरीर एक रुट फॉलो करता है और विषाक्त पदार्थ को लार के रूप में शरीर से बाहर निकालता है।























